रविवार को प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, पीएलओ के वरिष्ठ नेता अरीक़ात ने अरब देशों द्वारा इस्राईल के साथ संबंधों को सामान्य बनाने की आलोचना करते हुए इसे फ़िलिस्तीनी काज़ के साथ विश्वासघात बताया।
उन्होंने कहा, अमरीका ने अरब देशों को वारसॉ में इकट्ठा किया, ताकि ईरान के ख़तरे का बहाना बनाकर यह साबित कर सके कि वह शांति चाहता है, हालांकि क्षेत्र में हिंसा और कट्टरवाद का केन्द्र इस्राईल है।
अरीक़ात ने फ़िलिस्तीन एवं ईरान विरोधी वारसॉ सम्मेलन में अरब देशों के नेताओं की उपस्थिति की निंदा करते हुए कहा, सच्चाई पर कभी पर्दा नहीं डाला जा सकता।
ग़ौरतलब है कि 13 और 14 फ़रवरी को पोलैंड की राजधानी वारसॉ में अमरीका के नेतृत्व में इस सम्मेलन का आयोजन हुआ, जो असफल रहा।